
दिल्ली की सत्ता पर काबिज हाेने के लिए इस बार राजनीतिक पार्टियों ने उम्मीदवारों का चयन बड़े दिलचस्प तरीके से किया है। एक तरफ आम आदमी पार्टी (आप) ने युवाओं पर भरोसा जताया है तो वहीं भाजपा और कांग्रेस ने तजुर्बेदारों पर दांव लगाया है। दोनों पार्टियों ने 70 विधानसभा सीटों में से 65 फीसदी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है जो 50 साल से अधिक उम्र के हैं। ऐसे में इस बार का मुकाबला युवा बनाम अनुभवी खिलाड़ियों के बीच होने वाला है। हालांकि आम आदमी पार्टी ने 70 सीटों में से लगभग 28 उम्मीदवार ऐसे हैं जो 50 साल से अधिक उम्र के हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आप, भाजपा और कांग्रेस की तरफ से 210 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसमें दो सीटों पर भाजपा के सहयोगी दल ने उम्मीदवार उतारे हैं। आप के 45.71 फीसदी उम्मीदवार 50 से कम है। वहीं, भाजपा के 65 उम्मीदवारों की उम्र 50 से ऊपर है। कांग्रेस में भी 65 फीसदी उम्मीदवार इसी आयु वर्ग से आते हैं। खास बात यह है कि इस बार दिल्ली में कुल 1,55,24,858 मतदाता हैं। इसमें से 44.91 फीसदी ऐसे मतदाता हैं जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है। यदि इसमें 40 से 50 वर्ष आयु के मतदाताओं की शामिल कर दिया जाए तो 18 से 50 वर्ष के कुल मतदाताओं की संख्या 70 फीसदी से भी अधिक हो जाएगी।
